अनबन भी होती है
झगड़े भी होते है
अंधेरी रातोमे
दिल भी रोते है…
तो क्या हुआ
इंसान ही तो है…
एक अकेली
जान ही तो है…
भाईसाब सबकुछ माफ् है
रिश्तो का यही एहसास है!
अनबन भी होती है
झगड़े भी होते है
अंधेरी रातोमे
दिल भी रोते है…
तो क्या हुआ
इंसान ही तो है…
एक अकेली
जान ही तो है…
भाईसाब सबकुछ माफ् है
रिश्तो का यही एहसास है!